नई दिल्ली: उद्धव ठाकरे को लिखे खुले पत्र में बागी शिवसेना एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल हुए विधायकों और मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास दुर्गम है.

  • राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री होने के बावजूद पार्टी के विधायकों को वर्षा बंगला (मुख्यमंत्री आवास) जाने का अवसर नहीं मिला। सीएम के आसपास के लोग तय करते थे कि हम उनसे मिल सकते हैं या नहीं। हमें लगा कि हमारा अपमान किया गया है।
  • सीएम कभी सचिवालय में नहीं हुआ करते थे, बल्कि मातोश्री (ठाकरे निवास) में रहते थे। हम सीएम के आस-पास के लोगों को फोन करते थे लेकिन वे कभी हमारे कॉल्स अटेंड नहीं करते थे।
  • हम इन सब बातों से तंग आ चुके थे और एकनाथ शिंदे को यह कदम उठाने के लिए राजी किया।
  • जबकि हम मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए, हमारे ‘असली विपक्ष’ के लोग– कांग्रेस और यह राकांपा उनसे मिलने के अवसर मिलते थे और उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्रों में काम के लिए धन भी दिया जाता था।
  • कब हिंदुत्व तथा राम मंदिर पार्टी के लिए अहम मुद्दे हैं, तो पार्टी ने हमें अयोध्या जाने से क्यों रोका।
  • आदित्य ठाकरे की अयोध्या यात्रा के दौरान विधायकों को बुलाया गया और अयोध्या जाने से रोक दिया गया।





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